शरीर से प्रेम हटाना चाहिये | एक दिन तो इस शरीर को छोड़ना ही पड़ेगा, फिर इससे प्रेम करके मोह में पड़ना कोई बुद्धिमानी नहीं है | समय बीत रहा है, बिता हुआ समय फिर नहीं मिलता, इससे एक क्षण भी व्यर्थ न गवांकर तथा शरीर के भोगो से प्रेम हटा कर परमेश्वर से प्रेम करन